कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व, निमंत्रण पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठ रहे सवाल, पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
बेमेतरा टाइम्स । बेमेतरा जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं की कथित उपेक्षा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। संगठनात्मक गतिविधियों एवं विभिन्न कार्यक्रमों में लंबे समय से पार्टी के लिए कार्य कर रहे वरिष्ठ नेताओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इन चर्चाओं के चलते कार्यकर्ताओं के एक वर्ग में असंतोष की स्थिति बनने की बात कही जा रही है।
चर्चाओं के अनुसार, हाल के दिनों में संगठनात्मक निर्णयों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अनुभवी नेताओं की भूमिका पहले की अपेक्षा सीमित दिखाई दे रही है। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि जिन नेताओं ने विपरीत परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत करने के लिए वर्षों तक कार्य किया, उन्हें संगठन में सम्मानजनक जिम्मेदारियां और उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका कहना है कि अनुभवी नेतृत्व की अनदेखी से समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साजा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ईश्वर साहू को मंचीय प्रतिनिधित्व एवं प्रचार सामग्री में अपेक्षित स्थान नहीं मिलने को लेकर नाराजगी सामने आई थी। वहीं, सुशासन से जुड़े एक कार्यक्रम में विधायक के क्षेत्र में नोडल प्रभारी की अनुपस्थिति को भी कुछ कार्यकर्ता संगठनात्मक समन्वय की कमी का उदाहरण मान रहे हैं।
इसी क्रम में, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि बेमेतरा के पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल से जुड़े कुछ घटनाक्रमों ने भी कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी को बढ़ाया है। चर्चा के अनुसार, जिले में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में उनका नाम प्रकाशित नहीं किया गया। वहीं, उनके जन्मदिन के अवसर पर शहर मे लगाई गई बधाई पोस्टर को कुछ ही समय बाद हटा दिए जाने की घटना को भी उनके समर्थक गंभीरता से देख रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि इन घटनाओं से वरिष्ठ नेताओं के सम्मान को लेकर सवाल खड़े हुए हैं और इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता और अनुभवी नेतृत्व होते हैं। यदि संगठन के भीतर संवाद, समन्वय और सम्मान की भावना मजबूत रहे तो इस प्रकार की परिस्थितियों का समय रहते समाधान संभव है। सोशल मीडिया पर भी बेमेतरा और साजा विधानसभा क्षेत्र को लेकर विभिन्न प्रकार की राजनीतिक टिप्पणियां और पोस्ट साझा की जा रही हैं, जिनमें वरिष्ठ नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान एवं जिम्मेदारी देने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की भूमिका को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें सम्मान देने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया था। इसके बाद कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठन में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाओं ने और गति पकड़ ली है।
हालांकि, वरिष्ठ नेताओं की कथित उपेक्षा, कार्यकर्ताओं की नाराजगी तथा उपरोक्त घटनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन अथवा संबंधित पदाधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए इन चर्चाओं और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
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