धरना स्थल से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आशीष छाबड़ा ने कहा, "ना हम अंग्रेजों से डरे थे और ना ही अंग्रेजों के सामने घुटने टेके थे, तो इस सरकार के सामने क्या घुटने टेकेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि बुधवार को नीट परीक्षा मामले को लेकर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन का रवैया कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रति पक्षपातपूर्ण रहा और उन्हें कार्यक्रम करने से रोका गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस जनता की है, किसी राजनीतिक दल की नहीं। पुलिस भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम करना बंद करें। पुतला दहन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता को पुतला दहन से रोका गया तो "हम पुलिस थाने के अंदर घुसकर पुतला दहन करेंगे। जितनी धाराएं लगानी हैं लगा लेना, हम डरने वाले लोग नहीं हैं।"
आशीष छाबड़ा ने आगे कहा कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष होकर अपना दायित्व निभाए, किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता या एजेंट की तरह नहीं। उन्होंने कहा, यदि भाजपा का एजेंट बनने का इतना ही शौक है तो वर्दी उतारकर राजनीति के मैदान में आ जाइए, आपको किसने रोका है।
गौरतलब है कि कांग्रेस का आरोप है कि बुधवार को नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया था। इसी के विरोध में गुरुवार को आयोजित धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों, छात्रों से जुड़े मुद्दों और पुलिस प्रशासन के रवैये के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया।
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