प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से पहले नायब तहसीलदार जयंत पाटले को ज्ञापन लेने भेजा गया, लेकिन प्रदर्शनकारी सीधे कलेक्टर से मुलाकात कराने की मांग पर अड़ गए। कलेक्टर से मुलाकात नहीं होने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल अपर कलेक्टर प्रकाश भारद्वाज को मौके पर भेजा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित स्मरण-पत्र सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि 27 अप्रैल 2026 को देशभर की 5100 तहसीलों से सवा पाँच करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति को प्रार्थना-पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण पुनः स्मरण-पत्र सौंपा जा रहा है। ज्ञापन के साथ गोसंरक्षण की कार्ययोजना, कानूनी एवं शोध संबंधी दस्तावेज तथा डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षरयुक्त समर्थन सूची भी संलग्न की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गोवंश संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और संविधान की भावना से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर गोवंश संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की। गौ सेवकों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को स्मरण पत्र सौंपा है !
