इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम "हेपेटाइटिस: आओ इसे खत्म करें" के अनुरूप विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और टीकाकरण के माध्यम से हेपेटाइटिस संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित भोजन एवं पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नागरिकों से स्वच्छ पानी पीने, फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने, भोजन को पूरी तरह पकाकर खाने तथा खुले एवं दूषित खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित जीवनशैली ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी के प्रमुख लक्षणों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द और अवसाद शामिल हैं, जबकि हेपेटाइटिस-सी में लगातार थकान, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली और गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में सुरक्षित रक्त का उपयोग, एक बार उपयोग होने वाले रेजर ब्लेड एवं इंजेक्शन का प्रयोग, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं साझा नहीं करने, असुरक्षित यौन संबंधों से बचने तथा घावों को सुरक्षित ढंककर रखने की जानकारी दी गई। साथ ही नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद निर्धारित समय में हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाने, सभी गर्भवती महिलाओं की हेपेटाइटिस-बी जांच कराने तथा संक्रमित माता से जन्म लेने वाले शिशुओं को आवश्यक इम्यूनोग्लोब्युलिन एवं टीकाकरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, एएनएम, मितानिनों एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिस के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम, उपचार और जनजागरूकता संबंधी जानकारी भी दी गई। जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर ग्रामीण एवं शहरी नागरिकों को स्वच्छता, सुरक्षित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े, जिला नोडल अधिकारी डॉ. अस्मिता श्रीवास्तव, विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधक डॉ. स्वाति यदु, लैब इंचार्ज श्रीमती गीतांजलि बेहरा, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
