जानकारी के अनुसार, संबंधित स्कूल का मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में जीर्णोद्धार (रिनोवेशन) कराया गया था। हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल पहुंचकर निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। वहीं स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
2024 में मुख्यमंत्री ने दिए थे जांच के निर्देश
गौरतलब है कि 1 जुलाई 2024 को विभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत हुए कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 8 जुलाई 2024 को स्कूल शिक्षा विभाग के तत्कालीन सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की आवश्यकता, गुणवत्ता, वास्तविक लागत और निर्माण की जांच कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही 15 दिनों के भीतर पालन प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय को भेजने के लिए कहा गया था।
अब उठ रहे हैं सवाल
गुवारा स्कूल की घटना के बाद यह सवाल फिर सामने आ गया है कि बेमेतरा जिले में उस जांच का क्या परिणाम रहा? क्या जांच रिपोर्ट समय पर भेजी गई? यदि भेजी गई तो उसमें क्या निष्कर्ष निकले और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर जांच और आवश्यक कार्रवाई प्रभावी ढंग से होती, तो संभव है ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती थी।
