धान के बदले उद्यानिकी फसल लेने वाले किसानों को मिलेगा ₹15 हजार प्रति एकड़ का लाभ

कृषि उन्नति योजना’ में 15 सितंबर तक पंजीयन जरूरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे से होगा रकबे का सत्यापन


रायपुर । खरीफ वर्ष 2026 में धान के स्थान पर उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। ‘कृषि उन्नति योजना’ के तहत ऐसे किसानों को आदान सहायता के रूप में ₹15,000 प्रति एकड़ की राशि प्रदान की जाएगी। इस संबंध में संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ ने सभी जिला स्तर के उद्यानिकी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देश के अनुसार, जिन किसानों के रकबे में पूर्व वर्षों में धान फसल के लिए पंजीयन हुआ था और खरीफ 2026 में उन्होंने उसी रकबे पर धान के स्थान पर उद्यानिकी फसल ली है, वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए किसानों को संबंधित सोसायटी के माध्यम से एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

15 सितंबर अंतिम तिथि

विभाग ने खरीफ पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की है। पंजीयन के बाद डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से संबंधित रकबे का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन में मान्य पाए गए रकबे के आधार पर किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

किसानों को जागरूक करने के निर्देश

संचालनालय ने जिला उद्यानिकी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उद्यानिकी फसल लेने वाले किसानों को योजना की जानकारी दें और समय सीमा के भीतर पंजीयन के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही पंजीयन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकार की इस पहल से धान की जगह उद्यानिकी फसलों की खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को फसल विविधीकरण के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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