बेमेतरा टाइम्स । ग्राम हेमांबद में पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाए जाने और पशुओं की मृत्यु के मामले में जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का भाजपा सोशल मीडिया सहप्रभारी, अल्पसंख्यक मोर्चा छत्तीसगढ़ आशीष जैन ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन मामला केवल एफआईआर, निलंबन और अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
आशीष जैन ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कर वास्तविक दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। मृत पशुओं की पोस्टमार्टम एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि उनकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई।
उन्होंने कहा कि यदि भूख-प्यास, बीमारी, मारपीट, उचित देखरेख के अभाव अथवा किसी अन्य प्रकार की लापरवाही के कारण पशुओं की मृत्यु हुई है, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने 126 पशुओं के स्वामित्व, उन्हें वहां लाने वाले व्यक्तियों तथा उन्हें रखने की पूरी व्यवस्था की भी गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार थे, इसकी जानकारी सामने आनी चाहिए। जांच में किसी अन्य व्यक्ति, अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
आशीष जैन ने कहा कि पशु संरक्षण केवल संवेदना का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है। पशुओं के साथ क्रूरता या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर दोषियों के विरुद्ध ऐसी प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा दोषी कोई भी हो, जांच निष्पक्ष हो और कार्रवाई कठोर हो—यही पशु संरक्षण के प्रति सच्ची जिम्मेदारी है।
