सीएम हेल्पलाइन जांच में 40 हजार रुपये तत्कालीन सचिव द्वारा निकाले जाने का दावा, शेष राशि भुगतान के निर्देश के बावजूद अब तक नहीं मिला पूरा भुगतान।
आवेदक विरेन्द्र कुमार यादव, निवासी ग्राम मोहलाईन तहसील नांदघाट, जिला बेमेतरा ने बताया कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने तथा 15वें वित्त आयोग की राशि दो बार आने के बाद भी उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर से हस्तक्षेप कर बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई गई थी। जनपद पंचायत नवागढ़ द्वारा कराई गई जांच में तकनीकी सहायक और उपअभियंता ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जांच के दौरान सरपंच के बयान के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि तत्कालीन सचिव द्वारा सरपंच की जानकारी के बिना 40 हजार रुपये निकाल लिए गए थे, जबकि शेष 10 हजार रुपये भुगतान करने की बात वर्तमान सरपंच ने लिखित रूप से स्वीकार की। साथ ही यह भी कहा गया कि शेष 40 हजार रुपये तत्कालीन सचिव से प्राप्त होने के बाद आवेदक को भुगतान किया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नवागढ़ ने इस संबंध में सरपंच एवं सचिव को ज्ञापन जारी कर तीन दिवस के भीतर उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने तथा आवेदक के देय भुगतान का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।
इसके बावजूद आवेदक का आरोप है कि आज तक उसे पूरा भुगतान नहीं मिला है। अब उसने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसके 50 हजार रुपये के बकाया भुगतान की मांग की है।
यह मामला ग्राम पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित को उसका लंबित भुगतान कब तक मिल पाता है।
