शाम 4 बजे से धरने पर बैठे गौसेवक, अंधेरा होने के बाद भी नहीं मानी बात ; एडीएम प्रकाश भारद्वाज व एसडीएम दिव्या पोटाई मौके पर, पुलिस बल और राजस्व अमला तैनात
गौसेवकों की प्रमुख मांग है कि वे मामले को लेकर सीधे कलेक्टर से बातचीत करेंगे। उनका कहना है कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों और सवालों पर चर्चा नहीं करते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, बातचीत का दौर जारी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा है। एडीएम प्रकाश भारद्वाज और एसडीएम दिव्या पोटाई कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर गौसेवकों से बातचीत कर रहे हैं और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल के साथ जिले के राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
“कलेक्टर से बात किए बिना नहीं हटेंगे”
धरने पर बैठे गौसेवकों का कहना है कि मामला केवल मृत गौवंशों तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित लापरवाही और जांच रिपोर्ट को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और मृत गौवंशों की वास्तविक संख्या व मौत के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
गौसेवक लगातार नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से सीधे बातचीत की मांग पर अड़े हुए हैं।
रात में भी कलेक्ट्रेट के बाहर डटे गौसेवक
शाम 4 बजे शुरू हुआ धरना रात तक जारी रहने से प्रशासन के सामने स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने की चुनौती बढ़ गई है। अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन और गौसेवकों के बीच सहमति बनती है या प्रदर्शन रातभर जारी रहता है।
हेमाबंद के गौवंश मौत मामले ने अब प्रशासनिक जांच के साथ-साथ जिले की कानून-व्यवस्था और जवाबदेही का भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
