TET के मुद्दे पर शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन : सैकड़ों शिक्षक सड़क पर उतरे, DEO कार्यालय का घेराव कर बुलंद की आवाज


बेमेतरा टाइम्स । सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जुड़े TET के मुद्दे को लेकर सोमवार को बेमेतरा में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षक तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरने पर बैठे और इसके बाद रैली निकालते हुए जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया।

शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर शासन को स्पष्ट एवं व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक साझा मंच के प्रांताध्यक्ष रविंद्र राठौर, नवीन शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष विकास राजपूत तथा सर्व शिक्षक संघ/सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय, बेमेतरा जिलाध्यक्ष पोखन साहू सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने किया।

तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

शिक्षक संगठनों ने शिक्षा सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के नाम जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए प्रमुख रूप से तीन मांगें रखीं।

पहली मांग है कि सेवारत शिक्षकों के लिए वर्ष में कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित की जाए। इसके लिए NCTE से आवश्यक अनुमति एवं निर्देश प्राप्त कर विशेष व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है, ताकि वर्तमान में TET से वंचित शिक्षक निर्धारित समय में परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी सेवा सुरक्षित कर सकें।

दूसरी मांग वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत देने की है। शिक्षक संगठनों का तर्क है कि इन शिक्षकों की नियुक्तियां तत्कालीन सेवा भर्ती नियमों के अनुसार हुई थीं, इसलिए उन्हें TET की बाध्यता से राहत देकर सेवा सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

तीसरी मांग वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति करते हुए शिक्षकों को 1 सितंबर 2028 तक TET उत्तीर्ण करने का अवसर दिए जाने की है। संगठनों का कहना है कि इससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा के साथ न्यायालय के निर्देशों के पालन का रास्ता भी सुनिश्चित होगा।


DEO कार्यालय पहुंचे तो अधिकारी नदारद, भड़के शिक्षक

रैली के बाद जब शिक्षक जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे तो उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने की जानकारी मिली। कर्मचारियों ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी जेडी कार्यालय दुर्ग गए हुए हैं। इसके बाद शिक्षक आक्रोशित हो उठे और जिला शिक्षा कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठ गए।

शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि वे जिला शिक्षा अधिकारी से सीधे बात किए बिना वापस नहीं जाएंगे। लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने फोन के माध्यम से शिक्षकों से बातचीत की और उनकी मांगों पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारी के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा

शिक्षक संगठनों ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। संगठनों ने जिला स्तर से उनकी मांगों पर आवश्यक प्रस्ताव एवं अनुशंसा उच्च कार्यालय को भेजने तथा शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक एवं शिक्षक शामिल रहे। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और शासन-प्रशासन से शिक्षक हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग उठाई।

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