तालाब में डूबकर मृत बालक की सहायता राशि का मामला : अनाथ भाई-बहनों के भविष्य के लिए संरक्षक ने कलेक्टर से मांगी राशि निकालने की अनुमति


बेमेतरा टाइम्स
। प्राकृतिक आपदा के तहत स्वीकृत सहायता राशि का लाभ अनाथ नाबालिग बच्चों तक पहुंचाने के लिए उनके संरक्षक दिनेश कोशले ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर आवश्यक अनुमति प्रदान करने की मांग की है। मामला ग्राम मुरकुटा (सिवनी) तहसील नवागढ़ का है।

आवेदन के अनुसार, दिनेश कोशले अपनी साली के तीन बच्चों—मृतक सचिन बंजारे, नितिन बंजारे और 10 वर्षीय खुशी बंजारे—की शिक्षा-दीक्षा एवं परवरिश लंबे समय से अपने संरक्षण में कर रहे हैं। बच्चों के माता-पिता का पूर्व में निधन हो चुका है, जिसके बाद तीनों बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी दिनेश कोशले द्वारा निभाई जा रही है।

बताया गया कि 01 नवंबर 2024 को सचिन बंजारे की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद आरबीसी 6-4 के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन पर चार लाख रुपये की सहायता राशि मृतक के नाबालिग भाई-बहनों के नाम से स्वीकृत की गई है।

लेकिन दोनों बच्चे नाबालिग होने के कारण बैंकिंग प्रक्रिया और राशि के उपयोग में व्यावहारिक कठिनाई सामने आ रही है। इसी को लेकर संरक्षक ने कलेक्टर से मांग की है कि बच्चों एवं संरक्षक के संयुक्त नाम से बैंक खाता खोलने की अनुमति दी जाए तथा बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और आवश्यक जरूरतों के लिए स्वीकृत राशि के विधिसम्मत आहरण/उपयोग की अनुमति प्रदान की जाए।

आवेदक ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए सहायता राशि उनके बैंक खाते में अंतरित करने अथवा विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत संरक्षक के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आर्थिक सहायता का लाभ समय पर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को संवारने में उपयोग हो सके।

आवेदन के साथ पूर्व में प्रस्तुत आवेदन, तहसील न्यायालय द्वारा थाना को जारी पत्र तथा सहायता राशि स्वीकृति आदेश की छायाप्रतियां संलग्न की गई हैं।

अब नजर कलेक्टर के निर्णय पर है कि अनाथ नाबालिग बच्चों के हित में स्वीकृत चार लाख रुपये की सहायता राशि के उपयोग का रास्ता किस प्रकार सुगम किया जाता है।

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