बेमेतरा टाइम्स । बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण को लेकर बनाए गए कानून के बावजूद एक बुजुर्ग पिता को अपने ही बेटे से कथित तौर पर प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। नवागढ़ निवासी बुजुर्ग खेलनदास कुर्रे ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर मामले के शीघ्र निराकरण और अपने नाम जमीन दर्ज कराने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार खेलनदास कुर्रे, निवासी नवागढ़ पारा लामबंद, वार्ड क्रमांक 13, तहसील नवागढ़, जिला बेमेतरा ने बीएसपी द्वारा संचालित स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर वर्ष 1970 से 1988 तक सेवा की। सेवा अवधि के दौरान अर्जित अपनी पूंजी से उन्होंने अपने नाबालिग पुत्र नर्मदा कुमार के नाम करीब 2.5 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। उनका कहना है कि यह जमीन उन्होंने इस उम्मीद से बेटे के नाम की थी कि भविष्य में बेटा उनका भरण-पोषण करेगा।
लेकिन बुजुर्ग पिता का आरोप है कि बेटे ने पालन-पोषण करने के बजाय उनके साथ मारपीट की और प्रताड़ित किया। आवेदन में उन्होंने बताया कि बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण एवं कल्याण से संबंधित कानून के तहत संतान से संपत्ति वापस लेने का प्रावधान है। इसी आधार पर उन्होंने जमीन अपने नाम वापस कराने के लिए कार्रवाई की मांग की है।
कई जगह लगा चुके हैं गुहार
बुजुर्ग ने बताया कि मामले को लेकर कलेक्टर कार्यालय से आवेदन अग्रेषित होने के बाद एसडीएम कार्यालय नवागढ़ में भी आवेदन जमा किया जा चुका है। इसके अलावा वे सुशासन तिहार और जनदर्शन में भी अपनी समस्या रख चुके हैं। इसके बावजूद मामले के निराकरण में देरी होने से बुजुर्ग परेशान हैं।
अब उन्होंने कलेक्टर से प्रकरण का शीघ्र निराकरण कर जमीन को अपने नाम दर्ज कराने तथा बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
बुजुर्ग का यह मामला अब प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि जब माता-पिता अपने जीवन की कमाई संतान के भविष्य के लिए लगा देते हैं, तो वृद्धावस्था में उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा कौन करेगा?
