नवागढ़ विधायक एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और साजा विधायक ईश्वर साहू से मिले प्रतिनिधिमंडल ने रखी शिकायतें; CMHO को हटाकर निष्पक्ष जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने दोनों जनप्रतिनिधियों के सामने CHO कर्मचारियों के साथ कथित मानसिक, प्रशासनिक एवं आर्थिक दबाव, समीक्षा बैठकों में कथित अभद्र व्यवहार तथा महिला कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों सहित पूर्व में शासन-प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के सभी बिंदुओं को रखा।
संघ ने मांग की कि मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए CMHO बेमेतरा को तत्काल वर्तमान पद से हटाया जाए और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
विधायकों ने गंभीरता से सुना, स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप का आश्वासन
संघ के अनुसार दोनों विधायकों ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री से मामले में हस्तक्षेप कराने का आश्वासन भी दिया गया। संघ ने उम्मीद जताई है कि जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामले में जल्द निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
18 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी
संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार एंव बेमेतरा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार लहरे ने कहा कि शासन-प्रशासन को पूर्व में निर्धारित समय सीमा के भीतर CMHO को हटाकर शिकायतों की निष्पक्ष जांच शुरू करने का अनुरोध किया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो 18 अगस्त को बेमेतरा जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। संघ ने यह आंदोलन महिला कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के समर्थन में करने की बात कही है।
SP को ज्ञापन, FIR की भी मांग
संघ ने आगे बताया कि पुलिस अधीक्षक बेमेतरा को भी ज्ञापन सौंपकर शिकायत में उल्लेखित आरोपों के संबंध में FIR दर्ज कर निष्पक्ष कानूनी जांच किए जाने की मांग की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि संघ का उद्देश्य किसी व्यक्ति को पूर्वाग्रह के आधार पर दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच, महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण और CHO संवर्ग के सम्मान को सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।
CMHO पहले ही आरोपों को बता चुके हैं निराधार
गौरतलब है कि इससे पहले CMHO डॉ. अमृतलाल रोहलेडकर ने मीडिया के सामने CHO संघ द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि उनके खिलाफ गलत तरीके से इंसेंटिव आहरण और कार्यों में लापरवाही से संबंधित शिकायतों की जांच चल रही है। उनका आरोप है कि इसी कार्रवाई को प्रभावित करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप झूठे साबित होने पर मानहानि की कार्रवाई की बात भी कही थी।
वहीं CMHO के समर्थन में मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारियों ने भी कलेक्टर से मुलाकात कर आरोपों को गलत बताया था।
अब एक तरफ CHO संघ निष्पक्ष जांच और CMHO को हटाने की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी ओर CMHO इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। ऐसे में 18 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन और प्रशासन की कार्रवाई पर पूरे जिले की नजरें टिक गई हैं।
