ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित त्रैमासिक परीक्षाओं की तिथियां राज्य के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों के आसपास अथवा उनके बीच पड़ रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके पालकों को भी पारिवारिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पार्टी ने कहा कि तीजा-पोरा, हरेली, कर्मा जैसे लोकपर्व छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जुड़ाव के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव रहने से उनकी सांस्कृतिक सहभागिता प्रभावित होने के साथ मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका है।
ज्ञापन में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि त्योहारों के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति कम हो सकती है, जिसका असर उनके शैक्षणिक मूल्यांकन पर भी पड़ सकता है। पार्टी ने कलेक्टर से विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन कर त्योहारों के बाद परीक्षा आयोजित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।
साथ ही संगठन ने इस विषय में जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम की जानकारी संगठन को उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष CKS निलेश साहू और शहर अध्यक्ष JCP सूर्या सिंह चौहान व CKS शहर उपाध्यक्ष सौरभ मानिकपुरी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
