पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को खैरा निवासी मनीष शुक्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शाम करीब 4 बजे उन्हें सूचना मिली कि उक्त वाहन में मवेशियों को बिना चारा-पानी के भरकर कत्लखाने की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने पर उन्होंने गौसेवक साथियों को जानकारी दी और ग्राम खेड़ा एवं संबलपुर के मध्य वाहन का इंतजार किया।
शाम करीब 5:30 बजे वाहन के पहुंचने पर उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन नहीं रोकते हुए संबलपुर की ओर भागने लगा। गौसेवकों ने पीछा किया और संबलपुर के अंबतीबाई चौक के पास वाहन को रोककर उसमें सवार दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान जयपाल साहू (20 वर्ष) और राजेन्द्र यादव (26 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम झुलना, चौकी मारो, थाना नांदघाट के रूप में हुई।
वाहन की जांच करने पर उसमें 5 नग पड़वा मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे हुए पाए गए। पुलिस के अनुसार, मवेशियों के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपियों द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद वाहन और मवेशियों को चौकी संबलपुर लाया गया।
पूछताछ में तीसरे आरोपी का नाम सामने आया
विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा जयपाल साहू और राजेन्द्र यादव से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने धरनीधर उर्फ विनोद यादव (48 वर्ष) के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने धरनीधर उर्फ विनोद यादव को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6, 10, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ) तथा बीएनएस की धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को 23 एवं 24 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
एसपी के निर्देश पर कार्रवाई
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) ने आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का के मार्गदर्शन में संबलपुर चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार क्षत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक गौरीशंकर शर्मा, आरक्षक धनंजय सिंह, जितेन्द्र धनकर सहित चौकी संबलपुर के पुलिस स्टाफ एवं गौवंश सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
