बैठक में कंप्यूटरीकृत स्टॉक संधारण विकल्प को अनुमति देने, स्त्रोत प्रमाण पत्र जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कुछ अव्यावहारिक नियमों में आवश्यक शिथिलता देने की मांग रखने पर सहमति बनी। साथ ही सभी पंजीकृत कृषि व्यापारियों के लिए विभागीय नियमों के पालन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध भी किया जाएगा।
अमानक और प्रतिबंधित सामग्री बेचने वालों पर सख्ती की मांग
व्यापारियों ने विभागीय नियमों के अनुरूप कारोबार करने तथा अमानक एवं प्रतिबंधित कृषि सामग्रियों का विक्रय नहीं करने का संकल्प दोहराया। वहीं गांव-गांव घूमकर सस्ते दाम का लालच देकर अमानक सामग्री बेचने वाले लोगों से किसानों को सावधान करने के लिए संघ के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
संघ ने कृषि विभाग से ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों के हित में इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए संगठन सक्रिय भूमिका निभाएगा।
दिसंबर तक व्यापारियों को जोड़ने का अभियान, जनवरी में चुनाव
संगठन को और मजबूत एवं व्यापक बनाने के उद्देश्य से संघ के पुनर्गठन और विस्तार का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत दिसंबर 2026 तक जिले के सभी पंजीकृत कृषि व्यापारियों को संगठन से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जनवरी 2027 में संघ का पुनर्गठन, पदाधिकारियों के दायित्व निर्धारण और सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। चुनाव में केवल पंजीकृत कृषि व्यापारी ही भाग ले सकेंगे।
बैठक में संघ के अध्यक्ष सिद्दीक खान, संरक्षक ओमप्रकाश राठी, समीर टिकरिहा, युवराज पटेल, अश्वनी बंजारे, संतोष माहेश्वरी, मिथिलेश साहू, शैलेश माहेश्वरी, प्रशांत वर्मा, राजेश गांधी, कमल नारायण अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कृषि व्यापारी उपस्थित रहे।
