मरका स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत! लापरवाही के आरोपों से मचा हड़कंप, परिजनों का गंभीर सवाल—मौत के बाद क्यों छिपाई गई सच्चाई ?

पेट को बार-बार जोर से दबाने और नवजात को सुरक्षित बताने का आरोप, ग्रामीणों के आक्रोश से स्वास्थ्य केंद्र में मची अफरा-तफरी


बेमेतरा टाइम्स । जिले के मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बराडेरा की एक महिला के प्रसव के दौरान नवजात की मौत से आक्रोशित परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही बरतने और घटना की जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान प्रसूता के पेट को बार-बार और जोर-जोर से दबाया गया। इसके बाद नवजात की मौत हो गई, लेकिन कथित तौर पर परिजनों को तत्काल इसकी जानकारी नहीं दी गई। परिजनों के मुताबिक, उन्हें बताया जाता रहा कि नवजात सुरक्षित है। जब उन्होंने लगातार दबाव बनाया, तब जाकर बच्चे की मौत की जानकारी दी गई।

नवजात की मौत के बाद जानकारी देने में देरी क्यों?

मामले में सबसे गंभीर सवाल यही है कि यदि नवजात की मौत हो चुकी थी, तो परिजनों को इसकी जानकारी तत्काल क्यों नहीं दी गई? क्या प्रसव के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था? क्या प्रसूता और नवजात की स्थिति पर उचित निगरानी रखी गई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का आक्रोश, मौके पर पहुंची 112 की टीम

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। परिजनों में नाराजगी और ग्रामीणों के आक्रोश के चलते मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों व परिजनों को समझाइश देकर हालात शांत कराए।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही साबित होने पर जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जांच के घेरे में स्वास्थ्य केंद्र की भूमिका

नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई, प्रसव के दौरान किस तरह की चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई और परिजनों को जानकारी देने में कथित देरी क्यों हुई—इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग को मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित रिकॉर्ड, प्रसव के दौरान मौजूद कर्मचारियों की भूमिका और उपचार संबंधी तथ्यों की जांच करनी चाहिए।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नवजात की मौत चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन एक नवजात की मौत और उसके बाद जानकारी छिपाने के लगाए गए आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की जांच और उसकी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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