वीर सावरकर जयंती पर आईटीआई बेरला में गूंजा राष्ट्रवाद का स्वर, युवाओं ने लिया “राष्ट्र प्रथम” का संकल्प, देशभक्ति के माहौल से सराबोर रहा पूरा परिसर


बेमेतरा ! महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं समाज सुधारक वीर विनायक दामोदर सावरकर की जन्म जयंती के अवसर पर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बेरला में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए राष्ट्र प्रथम की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं वीर सावरकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति के रंगों से सजाया गया था, जहां उपस्थित युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्र सेवा का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीआई बेरला के सुपरिटेंडेंट एस.के. साहू ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवाओं में राष्ट्र प्रथम की भावना को जागृत करने वाला अत्यंत सार्थक प्रयास है। सावरकर जी का फौलादी संकल्प, त्याग और देश के प्रति समर्पण आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर ट्रेनिंग ऑफिसर्स बी.पी. देवांगन, मनीष वर्मा, प्रेम सागर नायक, चंद्रभूषण यादव, रेवेन्द्र वर्मा एवं सौरभ अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने वीर सावरकर के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, अंडमान की सेल्युलर जेल में झेली गई कठोर यातनाओं, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र जागरण के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, अनुशासन और राष्ट्र समर्पण की ऐसी मिसाल है, जिससे आज के युवाओं को सीख लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।

वक्ताओं ने प्रशिक्षणार्थियों से तकनीकी दक्षता को राष्ट्र निर्माण एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़ने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में गेस्ट लेक्चरर्स प्रेम परितोष, नीलम कुमार वर्मा एवं थामेश देशमुख ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवा अनुशासन, कौशल और राष्ट्रभक्ति के साथ आगे बढ़ें तो देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

समारोह के दौरान प्रेरणादायी व्याख्यान, राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां तथा युवा जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों ने उपस्थित विद्यार्थियों में देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत किया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर राष्ट्रभक्ति के वातावरण से सराबोर रहा तथा युवाओं ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए संस्थान प्रबंधन ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को बधाई दी। समारोह का समापन राष्ट्रगान तथा “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। उपस्थित सभी युवाओं ने वीर सावरकर के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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