प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी गणेश वैष्णव उम्र 34 वर्ष निवासी कोदवा थाना साजा सहित अन्य गौसेवकों ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 06 जून 2026 की रात्रि में वे अपने साथियों के साथ ग्राम कोदवा से सिलघट-तरालीम होते हुए सरदा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सिलघट स्थित डोकरी दाई मंदिर के पास मोड़ पर रात्रि लगभग 3:30 बजे एक संदिग्ध पिकअप वाहन लहराते हुए सामने से आता दिखाई दिया।
वाहन को रुकवाने पर उसमें सवार दो व्यक्ति मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम करण पांचे (20 वर्ष), निवासी बड़गांव थाना लांजी जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) बताया। वाहन की जांच करने पर सफेद रंग की पिकअप क्रमांक MP 50 G 2082 के डाला में 08 नग छोटे-बड़े गौवंशों को बिना चारा-पानी के क्रूरतापूर्वक बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया पाया गया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह, चालक मुकेश हरदे (28 वर्ष), निवासी खंडवा थाना लांजी जिला बालाघाट तथा बंटी निवासी ग्राम बगदई थाना लांजी जिला बालाघाट के साथ मिलकर सांकरा (सिमगा) नेशनल हाईवे क्षेत्र से गौवंशों को वाहन में भरकर मध्यप्रदेश कत्लखाने में बेचने के लिए ले जा रहे थे।
घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिस पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का तथा एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में थाना बेरला पुलिस टीम को विवेचना में लगाया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने 08 नग गौवंश (पड़वा/पड़िया), जिनकी कीमत लगभग 80,000 रुपये तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन की कीमत लगभग 4,00,000 रुपये सहित कुल 4,80,000 रुपये का माल जप्त किया। पुलिस ने आरोपियों करण पांचे एवं चालक मुकेश हरदे के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1990 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बेरला उप निरीक्षक राजकुमार साहू सहित पुलिस स्टाफ और गौसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
