बेमेतरा। सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद ने अब पूरे छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा कर दिया है। घटना के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका सीधा असर बेमेतरा जिले में भी दिखाई देने लगा है। बेमेतरा, बेरला, नवागढ़ और साजा सहित जिले के कुल 11 तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं, जिसके चलते तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पूरा मामला सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत राजापुर उप तहसील कार्यालय से शुरू हुआ। बताया गया कि सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी पैरोल से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के कार्यालय पहुंची थीं। नायब तहसीलदार के अनुसार दस्तावेज अधूरे थे तथा कार्यालय का बाबू भी अनुपस्थित था, इसलिए उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा गया।
इसके बाद महिला ने नायब तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए विधायक से शिकायत की। आरोप है कि शिकायत के बाद विधायक और उनके समर्थकों ने नायब तहसीलदार को बुलाकर गाली-गलौज और मारपीट की, जिससे उनके कपड़े तक फट गए। मामले ने तूल पकड़ते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना से नाराज छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी आंदोलन पर बैठ गए हैं।
आंदोलनरत अधिकारियों की मांग है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ड्यूटी के दौरान राजस्व अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे किसी राजनीतिक दबाव या भय के बिना अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
जनता पर पड़ रहा सीधा असर
तहसीलदार और नायब तहसीलदार राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। इनके हड़ताल पर चले जाने से जिले में राजस्व संबंधी कार्य लगभग ठप हो गए हैं। छात्रों और युवाओं के जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे हैं। वहीं किसानों के सीमांकन, नामांतरण, फौती-बंटवारा, राजस्व प्रकरणों की सुनवाई और अन्य भूमि संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में आम नागरिकों की परेशानियां और बढ़ने की संभावना है।
वर्सन
सीतापुर के नायाब तहसीलदार के साथ हुए मारपीट के मामले मे हम लोग सामूहिक अवकाश पर है, जब तक गिरफ्तारी नही होंगी हड़ताल जारी रहेगी !
अनिरुद्ध मिश्रा, तहसीलदार बेमेतरा
