जानकारी के अनुसार, मुंगेली से बेमेतरा तक पूरी निर्माण साइट पर कहीं भी परियोजना से संबंधित सूचना पटल (डिस्प्ले बोर्ड) नहीं लगाई गई है। जबकि सरकारी निर्माण कार्यों में कार्य शुरू होते ही परियोजना की लागत, निर्माण एजेंसी, कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि तथा तकनीकी मानकों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कार्यस्थल पर पारदर्शिता का अभाव है। सूचना पटल न होने से आम नागरिकों को यह तक जानकारी नहीं मिल पा रही है कि निर्माण कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है, इसकी निर्धारित समय-सीमा क्या है और सड़क किन गुणवत्ता मानकों के तहत बनाई जा रही है।
सूचना पटल का अभाव और कार्य से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक न किया जाना विभागीय पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। अब क्षेत्रीय नागरिकों में इस मामले को लेकर नाराजगी बढ़ रही है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
वर्सन
किसी भी निर्माण कार्य में सूचना बोर्ड महत्वपूर्ण बिंदु होता है, मुझे जानकारी नहीं था ! बोलता हूं, एक-दो दिन में तत्काल लगवाता हूं!
डीके चंदेल, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग बेमेतरा
