जानकारी के अनुसार, बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह के दौरान शाम को आए आंधी-तूफान और बारिश के बाद कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं। अचानक बिगड़े मौसम के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागना पड़ा। कई लोगों ने कुर्सियां सिर पर रखकर बारिश से बचने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने मंच के नीचे शरण ली। इस दौरान कार्यक्रम की तैयारियों और आपदा प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे।
वहीं, मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर भी विवाद सामने आया। बताया जा रहा है कि बेमेतरा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप न होकर पीछे से किया गया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नाराजगी व्यक्त की थी। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले को भी गंभीरता से लिया गया है और कमिश्नर स्तर पर इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था, प्रोटोकॉल के पालन तथा अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय की जाएगी।
अब जिले भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन किन अधिकारियों को जिम्मेदार मानता है और क्या किसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या मामला केवल चेतावनी तक सीमित रहता है। फिलहाल, विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी और कमिश्नर की सक्रियता ने प्रशासनिक महकमे में बेचैनी बढ़ा दी है।
