श्री मानिकपुरी ने कहा कि नैनो यूरिया के प्रयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व संतुलित मात्रा में समय पर उपलब्ध होते हैं, जिससे पौधों की बेहतर वृद्धि और पोषण सुनिश्चित होता है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक मिट्टी की जैविक सक्रियता बनाए रखने, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया का उपयोग करने से आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति किसानों का विश्वास बढ़ा है। यह नवाचार खेती को अधिक प्रभावी, किफायती और टिकाऊ बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
श्री संपत दास मानिकपुरी ने जिले के अन्य किसानों से भी कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार नैनो उर्वरकों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।
किसान का संदेश:
"नैनो उर्वरक अपनाएं, स्वस्थ मिट्टी और हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।"
