खरीफ सीजन में खाद संकट से किसान बेहाल: दाढ़ी तहसील में यूरिया-DAP की कालाबाजारी पर फूटा का गुस्सा, कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग


बेमेतरा टाइम्स ।
खरीफ सीजन की बुवाई के बीच दाढ़ी तहसील के किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की सहकारी समितियों एवं निजी खाद विक्रेताओं के पास यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होने से किसान चिंतित हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कलेक्टर एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के दाढ़ी खंड अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में खरीफ फसलों की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। आरोप लगाया गया है कि बाजार में उपलब्ध खाद शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से दो से तीन गुना अधिक कीमत पर बेची जा रही है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ विक्रेता किसानों को जबरन बीज एवं कीटनाशक के साथ खाद खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस प्रकार की बंडल बिक्री से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और समय पर खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि दाढ़ी तहसील की सभी सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के पास यूरिया एवं डीएपी खाद का पर्याप्त भंडारण तत्काल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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