ग्रामीणों के अनुसार, भवन तैयार होने के बावजूद बच्चे आज भी पुराने और जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं और विद्यार्थियों की सुरक्षा भी खतरे में बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि नया भवन पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग योग्य है, इसलिए उसका तत्काल हस्तांतरण किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम मरका के मिडिल स्कूल में पदस्थ गणित शिक्षक पिछले लगभग चार वर्षों से नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे विद्यार्थियों की गणित विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए राजभवन छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय को डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया गया है, लेकिन भवन हस्तांतरण और नियमित शिक्षक की व्यवस्था नहीं होने से इस सुविधा का भी पूरा लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि 22 जुलाई तक हर हाल में नए प्राथमिक विद्यालय भवन का हस्तांतरण कराया जाए, गणित शिक्षक के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा विद्यार्थियों के हित में नियमित गणित शिक्षक की तत्काल नियुक्ति की जाए। साथ ही शिक्षा, सुरक्षा और डिजिटल बोर्ड के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।
