450 से अधिक शिक्षकों, विद्यार्थियों व पालकों की मौजूदगी में प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, मेधावी छात्रों और उत्कृष्ट शिक्षकों को मिले स्वर्ण पदक व प्रशस्ति-पत्र
कार्यक्रम में जिलेभर के 450 से अधिक शिक्षक, शिक्षाविद्, विद्यालय संचालक, प्राचार्य, विद्यार्थी एवं पालकों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सम्मानित करना था।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने कहा कि अनुशासन और समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण का शिल्पकार बताते हुए उनके योगदान की सराहना की तथा विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय के सदुपयोग के माध्यम से अपने लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा दी। उन्होंने परीक्षा की बेहतर तैयारी और करियर की समय रहते शुरुआत करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से निरंतर सीखते रहने, अनुशासन अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, आत्मसंयम, कृतज्ञता और दृढ़ संकल्प ही सफलता की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा एक प्रेरणादायी शिक्षक विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा और आत्मविश्वास विकसित करता है।
प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान सीबीएसई एवं सीजी बोर्ड की कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के जिला टॉप-10 विद्यार्थियों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा समाधान महाविद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं समाधान महाविद्यालय के लगभग 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचार, समर्पण और उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुनि इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली के संस्थापक एवं अध्यक्ष अशोक ठाकुर, फाजिल लर्निंग एंड इनोवेशन संस्थान के संस्थापक सैय्यद फाजिल, कृष्णा पब्लिक स्कूल समूह के कार्यकारी निदेशक आशुतोष त्रिपाठी, एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल के सीईओ विनीत राजोरिया, प्राचार्य रामकुमार भारती, डॉ. अवधेश पटेल, योगेश बागरेचा सहित अनेक शिक्षाविद्, विद्यालय संचालक, शिक्षक, विद्यार्थी एवं पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 400 से अधिक लोगों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया।
