समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रावास की सभी 50 सीटें भर चुकी हैं, जबकि बड़ी संख्या में छात्राओं के आवेदन अभी भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, इसलिए यदि समय रहते 20 अतिरिक्त सीटों की स्वीकृति मिल जाती है तो अधिक से अधिक आदिवासी छात्राओं को छात्रावास सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर कार्यालय की आदिवासी विकास शाखा द्वारा 13 जुलाई 2026 को आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, नवा रायपुर को प्रस्ताव भेजकर बताया गया है कि छात्रावास में 20 अतिरिक्त छात्राओं के लिए पर्याप्त कमरे एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। इसी आधार पर छात्रावास की क्षमता 50 से बढ़ाकर 70 सीट करने का औचित्यपूर्ण प्रस्ताव भेजा गया है।
आदिवासी समाज ने उम्मीद जताई है कि विभाग इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करेगा, जिससे जिले की अधिक संख्या में आदिवासी छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित छात्रावास की सुविधा मिल सके।
