कार्यक्रम के दौरान मंत्री बघेल ने नवधा रामायण मंच का लोकार्पण तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नए भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया, उनका मुंह मीठा कराया और पाठ्यपुस्तकों का वितरण कर शिक्षा के नए सफर की शुभकामनाएं दीं।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि "शिक्षा किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव है और विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का प्रमुख केंद्र है।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पाठ्यपुस्तक, मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत झिरिया की सरपंच फाल्गुनी ताराचंद पाल द्वारा रखी गई मांगों पर मंत्री बघेल ने गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, बिटकुली सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही राउत नाचा एवं पंथी नृत्य की शानदार प्रस्तुति देने वाले बाल कलाकारों को प्रोत्साहन स्वरूप 20-20 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
शाला प्रवेश उत्सव केवल बच्चों के विद्यालय प्रवेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और विकास का संगम बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और शिक्षा के महत्व के संदेश के साथ हुआ।
