बेमेतरा में उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा प्रहार : देवकर तहसील के ग्राम जानो में उड़नदस्ता दल की छापेमार कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त


बेमेतरा टाइम्स । खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार जिलेभर में औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई कर रहा है।

इसी अभियान के तहत गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने देवकर तहसील के ग्राम जानो स्थित अँजोर वर्मा के परिसर में छापा मारा। निरीक्षण के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जा सकें।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, विक्रेता या सहकारी संस्था ऐसी अनियमितताओं में संलिप्त पाई जाती है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी या कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे जिले में सतत निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापेमार कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अधिक कीमत पर बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post