किसानों को नहीं मिल रही खाद, किसान के घर से 275 बोरी यूरिया बरामद ! क्या सिर्फ नोटिस देकर बचाए जा रहे हैं जिम्मेदार ?

खाद संकट के बीच अवैध भंडारण ने उठाए बड़े सवाल, पूरे जिले में जांच की मांग तेज

फाइल फोटो 

बेमेतरा टाइम्स | एक ओर जिले के किसान यूरिया खाद के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। समितियों का भी कहना है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक नहीं है। ऐसे समय में ग्राम जानो (तहसील देवकर) में एक किसान के परिसर से 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण मिलने से पूरे मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो निवासी अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया अवैध रूप से भंडारित पाया गया। टीम ने मौके पर पूरी खेप जब्त कर ली। कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही है तथा जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं। जब संबंधित व्यक्ति कोई अधिकृत खाद विक्रेता या कृषि केंद्र संचालक नहीं है और उसके परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में यूरिया मिला है, तो केवल कारण बताओ नोटिस जारी करना पर्याप्त है या नहीं? लोगों का कहना है कि यदि प्रथम दृष्टया अवैध भंडारण सामने आया है तो मामले में एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच की जानी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब किसान एक-एक बोरी यूरिया के लिए परेशान हैं, तब एक व्यक्ति के पास 275 बोरी यूरिया आखिर पहुंची कैसे? यह यूरिया किस माध्यम से खरीदी गई, किसने उपलब्ध कराई और इसके पीछे कहीं किसी बड़े नेटवर्क, अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि यदि पूरे जिले में इसी तरह व्यापक जांच कराई जाए तो अवैध भंडारण और कालाबाजारी के कई अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं। किसानों का आरोप है कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा कर कालाबाजारी की जा रही है, जिससे उन्हें समय पर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है।

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