बेमेतरा टाइम्स । छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार गठित "बोर्ड ऑफ विजिटर्स" ने गुरुवार को जिला जेल बेमेतरा का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती सरोज नंद दास ने की। इस दौरान कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, अपर कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड ने जेल लीगल एड क्लीनिक, विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली। बंदियों ने बताया कि जेल में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है तथा किसी भी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं होता। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि जेल के अभिलेखों एवं रजिस्टरों में जाति संबंधी किसी प्रकार का उल्लेख नहीं किया जाता।
बोर्ड ने बंदियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए उपलब्ध मनोरंजन सुविधाओं का भी अवलोकन किया। दो बैरकों में टेलीविजन की व्यवस्था है, जहां समाचार, योग, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम नियमित रूप से प्रसारित किए जाते हैं। इसके अलावा तबला, ढोलक, झांझ, मंजीरा जैसे वाद्ययंत्र तथा लूडो और कैरम जैसी खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
निरीक्षण के दौरान पेयजल, स्वच्छता एवं भोजन व्यवस्था की विशेष समीक्षा की गई। जिला जेल में तीन ट्यूबवेल, एक आंतरिक जल टंकी और एक ओवरहेड टंकी के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था पाई गई। बोर्ड ने भोजन की गुणवत्ता का निरीक्षण करते हुए जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि जेल मैनुअल के अनुरूप प्रतिदिन बदलते मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा मौसमी सब्जियों एवं दालों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा में बताया गया कि जिला जेल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुंदनलाल स्वर्णकार प्रत्येक मंगलवार को बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार करते हैं, जबकि फार्मासिस्ट प्रतिदिन उपलब्ध रहकर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। बोर्ड ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जेल लीगल एड क्लीनिक, विधिक सहायता हेल्प डेस्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, बंदियों को उपलब्ध कराए गए वस्त्र, शौचालय एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला जेल में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित 12 दिवसीय "लघु उद्यमी फास्ट फूड स्टॉल" प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विचाराधीन बंदियों को बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास, आत्मनिर्भरता तथा समाज की मुख्यधारा से पुनः जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है !
