हौसलों को मिला सम्मान : स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बने दिव्यांग, समय पर ऋण चुकाकर पेश की मिसाल

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं व निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने पूर्ण ऋण अदायगी करने वाले हितग्राहियों का किया सम्मान, स्वरोजगार योजना की सफलता पर जताई खुशी


बेमेतरा टाइम्स । हौसला बुलंद हो और कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो तो शारीरिक चुनौतियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। बेमेतरा जिले के दिव्यांग हितग्राहियों ने इसे सच साबित करते हुए समाज कल्याण विभाग एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की स्वरोजगार ऋण योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित किया और समय पर ऋण की संपूर्ण अदायगी कर आत्मनिर्भरता, ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल कायम की।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने पूर्ण ऋण अदायगी करने वाले दिव्यांग हितग्राहियों को शॉल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा रोजगार गतिविधियों के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि शासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। वहीं निगम अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का वास्तविक प्रेरणास्रोत बताया।

तीन सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा

श्यामकुंवर साहू (ग्राम मोहरेंगा) ने सिलाई मशीन व अन्य सामग्री खरीदकर बुटीक व्यवसाय शुरू किया। आज वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

लीलाराम सोनकर (सुकुलपारा, नवागढ़) ने किराना एवं जनरल स्टोर स्थापित कर कठिन परिस्थितियों के बावजूद व्यवसाय को सफल बनाया और समय पर पूरा ऋण चुका दिया।

गोमती साहू (ग्राम ढोलिया) ने पशुपालन व्यवसाय शुरू कर दूध उत्पादन से नियमित आय अर्जित की और समय पर ऋण का पूर्ण भुगतान कर मिसाल पेश की।

योजना बन रही आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जाने वाली यह ऋण योजना दिव्यांगजनों को दुकान, सिलाई, पशुपालन, लघु उद्योग, कृषि एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय शुरू करने में मदद कर रही है। समय पर ऋण अदायगी करने वाले हितग्राहियों के कारण अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक भी योजना का लाभ पहुंचाना आसान हो रहा है।

कार्यक्रम में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज वर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रेमलता पदमाकर, समाज कल्याण विभाग एवं निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्मानित हितग्राहियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समाज में नई पहचान भी दिलाई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि शारीरिक सीमाएं केवल शरीर तक होती हैं, हौसलों तक नहीं।

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