आवेदन के अनुसार, ग्राम बिरनपुर स्थित खसरा नंबर 247 की शासकीय भूमि पर कई लोगों द्वारा कब्जा कर कृषि कार्य किया जा रहा है। भागवत साहू का कहना है कि तहसीलदार, हल्का पटवारी, पुलिस और कोटवार की मौजूदगी में केवल उनका कब्जा हटाया गया, जबकि अन्य कब्जाधारियों को नहीं हटाया गया। उन्होंने इसे द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताते हुए निष्पक्ष जांच और समान कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, कलेक्टर को दिए गए आवेदन में कहीं भी साजा विधायक ईश्वर साहू का नाम उल्लेखित नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में लखन साहू विधायक का नाम लेकर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनका कहना है कि उन पर जगह खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार उसी शासकीय भूमि पर विधायक ईश्वर साहू का भी कथित कब्जा है, जिस पर प्रशासन द्वारा कोई नोटिस या कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, विधायक ईश्वर साहू पर आरोप लगाने वाले लखन साहू रिश्ते में उनके चाचा बताए जा रहे हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर कलेक्टर द्वारा शिकायत की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
