PM आवास योजना में जनपद पंचायत की बड़ी लापरवाही ! गरीब के ₹40 हजार दो बार गलत खाते में भेजे, अब न्याय के लिए भटक रहा हितग्राही


बेमेतरा टाइम्स । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की सरकारी मंशा पर जनपद पंचायत नवागढ़ की कथित प्रशासनिक लापरवाही सवाल खड़े कर रही है। ग्राम पंचायत मेढ़की के आश्रित ग्राम दयालपुर निवासी केजाराम वर्मा पिता करियाराम वर्मा ने कलेक्टर बेमेतरा को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनके आवास की पहली किस्त 40 हजार दो बार दूसरे व्यक्ति के खाते में भेज दी गई, जो आज तक उउन्हें नहीं मिल पाए हैं !

आवेदन के अनुसार वर्ष 2024-25 में केजाराम का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। पहली बार विभागीय त्रुटि के कारण ₹40 हजार की राशि ग्राम कुरुवा निवासी केजहा पिता जानकार के खाते में चली गई। इसके बाद जनपद पंचायत नवागढ़ ने स्वयं बैंक को पत्र लिखकर उक्त राशि राज्य नोडल खाते में वापस जमा कराई थी।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि राशि वापस आने के बाद भी विभाग ने सुधार करने के बजाय दोबारा वही 40 हजार उसी व्यक्ति के खाते में भेज दिए।

पीड़ित केजाराम का कहना है कि जनपद पंचायत द्वारा संबंधित व्यक्ति को बुलाकर राशि लौटाने के लिए कहा गया था। उस समय उसने पूरी राशि वापस करने की बात कही थी, लेकिन बाद में उसने कथित रूप से कहा कि "मैं केवल 20 हजार ही दूंगा, बाकी 20 हजार खर्च हो गए हैं।" इसके बाद भी आज तक पीड़ित को उसकी राशि नहीं मिल सकी।

केजाराम ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास शाखा, जनपद पंचायत नवागढ़ के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक न तो राशि उनके खाते में पहुंची और न ही समस्या का समाधान हुआ। मजबूर होकर उन्होंने 21 जुलाई 2026 को कलेक्टर बेमेतरा से न्याय की गुहार लगाई है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहली गलती सामने आ चुकी थी और राशि वापस भी मंगाई जा चुकी थी, तब दूसरी बार उसी गलत खाते में राशि कैसे भेज दी गई? यदि यह विभागीय लापरवाही है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

एक गरीब हितग्राही, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना पक्का घर बनने की उम्मीद लगाए बैठा था, आज प्रशासनिक भूल का खामियाजा भुगत रहा है। ऐसे में यह भी सवाल उठता है कि क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की इस गंभीर लापरवाही की जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी तथा पीड़ित हितग्राही को शीघ्र उसकी राशि दिलाई जाएगी?

अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर गरीब हितग्राही को कब न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।

वर्सन 

मैं कार्यवाही के लिए जनपद पंचायत नवागढ़ सीईओ को बोल रही हूं, हितग्राही उनसे मिल सकते हैं !

प्रेमलता मंडावी, सीईओ जिला पंचायत बेमेतरा

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