ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में गांव में 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है, जिस पर विद्युत भार अधिक होने के कारण पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। ग्राम में करीब 20 कृषि कार्यों के बोर, 40 घरेलू बोर तथा लगभग 150 घर लो-वोल्टेज की समस्या से प्रभावित बताए गए हैं। कम वोल्टेज के कारण पानी की मोटर एवं घरेलू बोर ठीक से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि लो-वोल्टेज के कारण लाइट, कूलर, फ्रिज सहित अन्य विद्युत उपकरण भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। लंबे समय से कम वोल्टेज की समस्या के चलते विद्युत उपकरणों के खराब होने की आशंका भी बनी रहती है।
जर्जर तारों से दुर्घटना का खतरा
ग्रामीणों ने गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए लगे केबल एवं विद्युत तारों की स्थिति पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर तार एवं केबल जर्जर हो चुके हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने जर्जर तारों एवं केबलों का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें बदलने की मांग की है।
1912 पर शिकायत के बाद भी स्थायी समाधान नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक समस्या को लेकर विद्युत विभाग की 1912 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। वर्षों से समस्या बनी रहने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
7 दिन में समाधान नहीं तो मुख्य मार्ग घेराव की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासियों द्वारा जनहित में मुख्य मार्ग का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल मामले का संज्ञान लेकर ग्राम लोलेसरा में नवीन 100 केवीए ट्रांसफॉर्मर स्थापित कराने, विद्युत भार का तकनीकी परीक्षण कराने तथा जर्जर केबल एवं विद्युत तारों को बदलवाने के लिए संबंधित विद्युत विभाग को निर्देशित करने की मांग की है।
