लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा राज्य के लिए इस सत्र में 1.20 लाख विद्यार्थियों के पंजीयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पांच विद्यार्थियों के श्रेष्ठ आइडिया, मॉडल, प्रोजेक्ट अथवा नवाचार का चयन कर ऑनलाइन पंजीयन कराया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में आइडिया बॉक्स स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने नए विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। इनमें से श्रेष्ठ पांच आइडिया का चयन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा।
निर्देश के अनुसार हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 6वीं से 10वीं तक के तीन तथा कक्षा 11वीं से 12वीं तक के दो विद्यार्थियों के आइडिया का पंजीयन किया जाना है। वहीं हाई स्कूल तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी निर्धारित कक्षाओं से पांच विद्यार्थियों के आइडिया का पंजीयन कराया जा सकता है।
निजी स्कूलों के पंजीयन पर विशेष जोर
शिक्षा विभाग ने शासकीय विद्यालयों के साथ-साथ अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में भी पंजीयन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। विभाग के अनुसार इन विद्यालयों की योजना में भागीदारी अब तक काफी कम रही है, इसलिए संबंधित संस्था प्रमुखों एवं शिक्षकों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थी के खाते में ही पहुंचेगी अवार्ड राशि
पंजीयन के दौरान विद्यार्थियों के नाम, आधार नंबर, बैंक खाता, बैंक का नाम एवं IFSC कोड का सही मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्राचार्य या संस्था का बैंक खाता देने के बजाय संबंधित विद्यार्थी का बैंक खाता दर्ज करना अनिवार्य किया गया है, ताकि योजना के तहत मिलने वाली अवार्ड राशि सीधे विद्यार्थी के खाते में जमा हो सके।
पुराने आइडिया दोहराने पर रोक
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित आइडिया या प्रोजेक्ट में नवीनता होना आवश्यक है। विद्यालय द्वारा पूर्व में भेजे जा चुके मॉडल अथवा प्रोजेक्ट को दोबारा पंजीकृत नहीं किया जाएगा। वहीं DST/NIF में पूर्व से सूचीबद्ध सामान्य आइडिया को भी बिना किसी नए बदलाव के दोबारा भेजने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। एक ही प्रोजेक्ट अथवा आइडिया का एक ही विद्यालय के एक से अधिक विद्यार्थियों के नाम से पंजीयन भी नहीं कराया जा सकेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों की प्रतिलिपि जिले के सभी संबंधित शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। विभाग ने निर्धारित समय-सीमा में अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
