कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष के.पी. खाण्डे ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्व विधायक पद्मा मनहर एवं कमलेश बाबाजी (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। अतिथियों ने गुरु घासीदास बाबा एवं ममतामयी मिनी माता के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
समारोह में बेमेतरा बाजार पारा निवासी कवयित्री एवं समाजसेवी श्रीमती कांति बाई बंजारे, ग्राम जरहागांव, जिला मुंगेली की श्रीमती सविता पात्रे तथा ग्राम रजकुड़ी, बेमेतरा की श्रीमती मैना देवी मांडले को समाजसेवा, साहित्य एवं रचनात्मक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए अतिथियों के करकमलों से मिनी माता महिला प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मानित महिलाओं को साड़ी, श्रीफल, शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर बेमेतरा जिले से जुड़ी तीनों प्रतिभाओं में खुशी की लहर देखी गई। कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर समां बांधा। वहीं किरण भारती एवं हृदय आनंद ने गीत प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर अकादमी के कोषाध्यक्ष डॉ. जे.आर. सोनी, मुख्य प्रवक्ता चेतन चंदेल, आशा पात्रे, चंपा गेंदले, दुर्गा गेंदले, राजश्री सद्भावना समिति की अध्यक्ष शकुन डहरिया, खेदूदास बंजारे, कवि साधुराम अनंत, बी.एल. कुर्रे, डॉ. गोकुल बंजारे चंदन, प्रतिमा बार्ले सहित सतनाम भजन गायक-गायिकाएं, कलाकार एवं कविगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जे.आर. सोनी एवं चेतन चंदेल ने किया। समारोह में साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं के योगदान को सम्मान देकर उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया गया।
