पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को सिंघौरी निवासी पवन शाह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21-22 जुलाई की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने उनके घर का दरवाजा तोड़कर करीब 5.60 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर एवं नकदी चोरी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य की सतत मॉनिटरिंग तथा पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों, साइबर विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी अजय कुमार जैन, मोहम्मद सुमोन खान और राजेश निषाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए खुलासा किया कि चोरी के जेवरों का एक हिस्सा बेच दिया गया और शेष जेवर बैंक में गिरवी रखकर लाखों रुपये का गोल्ड लोन लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी की पत्नी दिव्या बाई सांखला (जैन) तथा चोरी के जेवर खरीदने वाले ज्वेलर्स संचालक आदित्य जैन को भी गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, ताला काटने के औजार, बोरा उठाने के हुक, चोरी के पैसों से खरीदा गया टीवी और मोबाइल, नगदी, गोल्ड प्लेज कार्ड, गोल्ड लोन की पर्चियां तथा सोने-चांदी के जेवर बरामद किए। कुल बरामदगी का मूल्य लगभग 13.70 लाख रुपये आंका गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों के विरुद्ध पहले से चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट, जुआ और अन्य अपराधों के दर्जनों मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इन्हीं आपराधिक गतिविधियों और पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी है। बेमेतरा जिले में यह पहला मामला है जिसमें संगठित अपराध की धारा लगाई गई है। साथ ही चोरी के जेवर बिना वैध दस्तावेज खरीदने के आरोप में ज्वेलर्स संचालक पर भी संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं।
पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह की अन्य गतिविधियों और संभावित वारदातों की भी जांच जारी है।
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