जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की दरों में लगातार वृद्धि और स्मार्ट मीटर लागू करने की प्रक्रिया से लोगों में भारी असंतोष है। सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलती थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इस जनहितकारी योजना को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया। कांग्रेस ने मांग की कि इस योजना को तत्काल पुनः लागू किया जाए ताकि गरीब, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल सके।
आशीष छाबड़ा ने स्मार्ट मीटर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूली जा रही है। देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ में इसे लागू करना जनता के हित में नहीं है। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल बंद की जाए तथा पहले से लगाए गए स्मार्ट मीटरों की निष्पक्ष समीक्षा कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
बिजली बिल की बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लिया जाए।
स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल निरस्त किया जाए।
400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना को पुनः लागू किया जाए।
घरेलू, कृषि एवं छोटे व्यापारिक उपभोक्ताओं को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए।
बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाते हुए उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
आशीष छाबड़ा ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा जनता के अधिकारों और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है। यदि भाजपा सरकार जनता की इन मांगों की अनदेखी करती रही तो कांग्रेस प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाकर सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को महंगी बिजली, बढ़ते आर्थिक बोझ और जनविरोधी नीतियों से राहत दिलाने के उद्देश्य से है। कांग्रेस पार्टी आगे भी जनता के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
