जांच दल में सहायक संचालक कृषि डॉ. श्यामलाल साहू, वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी हरदेव सिंह पैकरा, प्रभारी उद्यान अधिकारी दीपचंद चंद्रवंशी, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी पूर्णिमा मौर्य तथा ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी रेखा ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि किसान द्वारा स्वीट कॉर्न 'रोजी' और 'मधुराज' किस्म के बीज निर्धारित समय एवं अनुशंसित ब्रॉड बेड एंड फरो (Broad Bed & Furrow) पद्धति से बोए गए थे। फसल में खाद, उर्वरक, कीटनाशक एवं फफूंदनाशक का उपयोग भी समय पर और निर्धारित मात्रा में किया गया था। बुआई से लेकर निरीक्षण तक मौसम और तापमान भी फसल के अनुकूल पाया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किसान के खेत में लगाई गई अन्य स्वीट कॉर्न किस्मों 'अधारा-30' और 'मिठास' का विकास एवं उत्पादन सामान्य रहा, जबकि शिकायत वाली 'रोजी' और 'मधुराज' किस्मों में गंभीर खामियां दिखाई दीं। निरीक्षण दल के अनुसार प्रभावित पौधों में एक ही स्थान पर 4 से 5 फल निकल आए, लेकिन उनका समुचित विकास नहीं हो पाया और भुट्टों में दाने नहीं बने, जिससे किसान को आर्थिक नुकसान हुआ।
जांच दल ने प्रभावित रकबे का भी सत्यापन किया और पंचनामा तैयार कर मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं किसान के हस्ताक्षर के साथ कार्रवाई पूरी की। अब जांच प्रतिवेदन सक्षम अधिकारियों को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई, मुआवजे तथा संबंधित बीज विक्रेता एवं अन्य जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि किसान सुधीर कुमार ठाकुर ने कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया था कि गुणवत्ताहीन बीज के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई और उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। संयुक्त टीम की जांच के बाद अब किसान को प्रशासन से न्याय और उचित मुआवजे की उम्मीद बढ़ गई है।
वर्सन
सोमवार को किसान के खेत पर शिकायत की जांच करने पहुंचे थे, शिकायत सही पाई गई है, पंचनामा तैयार किया गया है! इसके बाद कृषि केंद्र संचालक को जवाब के लिए कहा गया है, जवाब आते ही जांच प्रतिवेदन सक्षम अधिकारी को भेजेंगे ! सक्षम अधिकारी द्वारा ही आगे की कार्रवाई की जाएगी !
डॉ. श्यामलाल साहू, सहायक संचालक कृषि
