बेमेतरा टाइम्स | विशेष
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित के मुद्दों को उजागर करना और समाज की आवाज़ बनना है, लेकिन कुछ तथाकथित पत्रकार इस पेशे की गरिमा को धूमिल करने में लगे हुए हैं। ऐसे लोग स्वयं कोई खोजी या जनसरोकार की खबरें नहीं बनाते, बल्कि विभिन्न अखबारों, न्यूज़ पोर्टलों और सोशल मीडिया पर प्रकाशित समाचारों पर नजर बनाए रखते हैं।
बताया जाता है कि जैसे ही किसी अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या कारोबारी के खिलाफ कोई समाचार प्रकाशित होता है, ये लोग तुरंत संबंधित व्यक्ति के पास पहुंचकर खबर दबाने, समझौता कराने या अन्य बहाने से अवैध वसूली की कोशिश करते हैं। ऐसे कृत्य न केवल पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों की छवि भी खराब करते हैं।
ऐसे मामलों में अधिकारियों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाकर धन की मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस एवं सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों को दी जानी चाहिए। पत्रकारिता समाज सेवा का माध्यम है, न कि भय और सौदेबाजी का व्यवसाय। ऐसे तत्वों पर कानूनी कार्रवाई ही पत्रकारिता की गरिमा और समाज के विश्वास को बनाए रखने का प्रभावी उपाय है।
जनहित मे जारी..........।
